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हर बार सिर्फ रावण को ही क्यों जलाया जाता है

Thursday, 10 October 2013

इन सवालों का है आपके पास जवाब??
  • हर बार सिर्फ रावण को ही क्यों जलाया जाता है?
  • रावण के साथ-साथ उसके भाई कुंभकरण और पुत्र मेघनाथ को भी क्यों जलाया जाता है?
  • कंस और हिरणकश्यप के पुतले क्यों नहीं जलाए जाते?
रावण महाविद्वान था और प्रकांड पंडित भी। उसका एक ही कसूर बस यही था कि उसने राम की पत्नी सीता का अपहरण किया था। वो भी अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए….। सीता के साथ दुराचार करने की कोई बात कहीं नहीं आई।
जबकि कंस ने बिना कसूर अपनी बहन देवकी और बहनोई वासुदेव को जेल में डाल दिया था और उनकी 7 नवजात संतानों को अपने हाथों से मार डाला था।
हिरण्यकश्यप ने अपने ही बेटे को ऐसी घोर यातनाएं दीं कि कोई भी पिता ऐसा नहीं कर सकता।
रावण से ज्यादा कंस और हिरणकश्यप कसूरवार थे। उन्होंने घोर पाप किए थे।
  • अपने ही भांजों को अपनी ही तलवार से काट डालना या उनकी गर्दन दबोच देना यह अपराध तो रावण के अपराध से बहुत ज्यादा घृणित हैं। तो ऐसे में कंस के मारे जाने वाले दिन को क्यों नहीं मनाया जाता?
  • कंस को क्यों नहीं जलाया जाता?
  • अपने ही बेटे प्रहलाद को जिंदा आग में जलाने की साजिश रचने वाले पिता हिरण्‍कश्यप का भी यह अपराध रावण के किए अपराध के मुकाबले ज्यादा बड़ा मालूम होता है। तो क्यों नहीं हिरण्‍कश्यप को भी जलाया जाता?
(होलिकादहन पर कंस का नहीं बल्कि उसकी बहन होलिका का दहन किया जाता है। होलिका को वरदान था कि वह आग में नहीं चल सकती। प्रहलाद को अपनी गोद में लेकर आग में बैठी तो वरदान विफल सिद्ध हुआ। प्रहलाद बच गया और होलिका उसी आग में दहन हो गई।)
रावण को जलाने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम राम थे। मर्यादा पुरुषोत्तम यानी सदैव मर्यादा के अनुसार कार्य करने वाला श्रेष्ठ पुरुष। भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम इसलिए कहा जाता है कि उन्होंने अपने जीवन में कभी भी मर्यादा का उल्लंघन नहीं किया। उन्होंने अपना पूरा जीवन मर्यादा के अनुरूप ही निर्वाह किया।
  • आज जो लोग रावण को जलाते हैं क्या उनमें राम जैसी खूबियां हैं, राम जैसे गुण हैं?
  • क्या रावण को जलाने वाले खुद मर्यादा पुरुषोत्तम हैं?
  • किस हक से वे रावण को आग लगाते हैं?
  • रावण का अपराध तो समझ में आता है लेकिन कुंभकरण और मेघनाथ ने ऐसा क्या घोर अपराध किया था कि उन्हें ही रावण के साथ जलाया जाता है।
  • हर वर्ष रावण को जलाने वाले राम की संख्या लाखों होते हुए भी हर वर्ष लाखों सीता माता जैसी देवियों की इज्जत फिर क्यों लुट रही है?
  • ravan

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पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा का बेतुका बयान

Sunday, 31 March 2013

पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा का बेतुका बयान..
अपनी टिप्पड़ी जररू करे................like and share 
खटीमा. इस बार राणा परिषद के वार्षिक अधिवेशन का शुभारंभ करते हुए पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा ने कहा कि थारु समाज का अस्तित्व बचाने के लिए एक मंच पर संगठित होकर संघर्ष करने की जरूरत है। उन्होंने जनजाति की भूमि में से तीन एकड़ भूमि सामान्य वर्ग की आईटीआई को दिए जाने का विरोध किया और कहा कि इसे थारु समाज स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध के लिए समाज अंतिम समय तक संघर्ष करेगा।

राना जी कुछ शर्म करो १० साल सत्ता मे थे ,आज उसी जनता के लिए ऐसा 
बयान.आप हमरे समाज को दो वर्गों मे बाटना चाहते हो .जो संभव नहीं है ,
आप की जानकारी के लिए बता दो इनमे भी २५% आरक्षण s.c or s.t के लिए रहेगा .राना जी राजनीति  मत करो ,क्षेत्र के विकास के बारे मे सोचो .....
तब जनता आप के बारे मे सोचेगी ...................
अपनी  राय जररू लिखे .....khatima 



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