Friday, 18 October 2019

खटीमा का इकलौता कुम्हार

खटीमा से टनकपुर को जाते समय वन चुंगी से 50 मीटर आगे रॉड के बायीं ओर पिछले 20-25 सालों से #दीपावली के समय मां के साथ दीऐं खरीदने जाता था ।
आज मन हुआ कि खटीमा में #कुम्हारों की खत्म होती हुई कला की अंतिम पीढ़ी से परिचय कराऊँ ।
#कुम्हार_परिवार
#स्व_नेम_चंद_जी के 6पुत्रों के आज 32पौते पोतियों है !
#सुदेश कुमार(44वर्ष)उनके इकलौते पौते है,जो आज #चाक चलाकर बर्तन बना रहे है ।
#घासीराम जी के स्कूल से लगी #झोपड़ी में यह परिवार रहता था । तब अमाऊं गाँव था और दूर दूर तक बहुत कम घर होते थे ।
नेम चंद जी झोपड़ी के बाहर #चाक चलाते थे तो स्कूल से आते समय हम भी खूब देर तक #खड़े देखते रहते थे । जो कि अब बच्चों को #नसीब नही हो सकता ।

#सिकुड़ता_व्यापार
सुदेश कुमार बताते है कि दादा जी के #समधी के पिताजी ने #125वर्ष पहले अपना नाम #लिखा_चाक(चाक को जूम करके देखेंगे तो #हिम्मतराम दिखेगा) हमारे परिवार को रोजगार के लिये दी थी ।
दादा के साथ हम भी थोड़ा बहुत करते रहते थे। तब #तालाब होते थे जिसकी मिट्टी के बर्तन अच्छे बनते है!अब तालाब कहाँ? जंगल से #मिट्टी_लकड़ी लेने जाते है तो जंगलात वाले हमारी #साईकिलों के #टायर तोड़ देते है । मिट्टी #उत्तरप्रदेश से चोरी-छिप्पे खरीदकर लानी पड़ती है।
घर के आगे रेलवे पटरी तक पूरे खेत खाली होते थे जहाँ कच्चे बर्तन हम #सूखा लेते थे ।
अब तो जगह बची नही 9फिट के मकान की दोमंजिली छत में यह बनाने व सुखाने पड़ते है ।
वो बताते है कि #उत्तर प्रदेश सरकार ने कुम्हारों को #निशुल्क_चाक व मिट्टी के लिये पट्टे जारी किये है । यहां तो जंगलात वाले #हमेंपीटते है ।
#चकाचौध में पिछड़ गया ।
दीपावली में लोग बतौर शगुन दीएँ ख़रीदने आते है , पहले बच्चो को लोग गुल्लक देकर बचत सिखाते थे वह परंम्परा भी अब समाप्त हो गई ।
कलश के लिये या फिर किसी की म्रत्यु पर घड़े खरीदते है अब घरों में कौन घड़ो में पीने के लिये पानी रखता है ।
दीये की जगह चीन निर्मित लड़ियों ने ले ली घरों में RO लग गए ।
ग्राहक 5₹ दर्जन दीएं खरीदतें बोलता है कि इतने महंगे! मिट्टी ही तो है । कैसे सम्भालें इसको?
#ट्रेंड बदल गया
तब चाक को हाथ से चलाते थे अब इलेक्ट्रिक चाक खुद अपने पैसों से लेकर आएं है सुदेश कुमार ।
हिन्दू कभी भी छोटे व्यापारी को निचोड़ना चाहता है चाहे वह किसान हो, गांव का सब्जी वाला, फल वाला, दूध वाला आदि । इस कारण छोटा काश्तकार बर्बाद हो गया। किसी ने हल्ला नही मचाया उस समय बड़ा व्यापारी तमाशा देखता रहा।
आज #online_मार्किट में बड़े व्यापारी का ग्राहक तमाशा देख रहा है ।
#निवेदन
खटीमा इस परिवार ने यदि व्यापार छोड़ दिया तो हम म्रत्यु के समय मिट्टी का घड़ा कहाँ से लायेंगे?
प्लीज बच्चो को गिफ्ट में गुल्लक दो बचत सीखेंगे, मिट्टी गमले में लगा तुलसी का पेड़ और घड़े का पानी स्वस्थ रखेगा।
क्या हम अपने घरों में #51_101_501दीएँ इस दीपावली में जला सकते है ?
क्या गरीब बस्तियों में 1दर्जन दीएँ व तेल अपने घरों में पटाखे जलाने के साथ ही #दान दे सकते है?



Wednesday, 29 April 2015

खटीमा फाइबर्स से 32 लाख की नगदी गायब- Khatima Fibres Ltd

cash of 32 million missing from Khatima Fibres Ltd.
खटीमा फाइबर्स के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरसी रस्तोगी ने बैंक ऑफ बड़ौदा और आईसीआईसीआई बैंक पर कारखाने और आवास से करोड़ों का सामान गायब होने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। जिसमें आवास से कर्मचारियों के वेतन 32 लाख रुपए की नगदी, दो मोबाइल, कैमरा और तीन सूटकेस में रखे कपड़े शामिल हैं। उन्होंने कहा है कि कारखाने से पांच क्विंटल तांबे की प्लेटें, दो कंप्यूटर सिस्टम, दो विद्युत मोटरें और कई टूल बाक्स भी चोरी हो गए हैं।

डीएम के आदेश पर खुले खटीमा फाइबर्स के ताले-Khatima Fibres Ltd.

जिलाधिकारी डा. पंकज कुमार पांडे के आदेश पर तहसीलदार आरसी गौतम ने कारखाने के ताले खुलवा दिए। इस दौरान मौके पर पहुंचे विधायक पुष्कर सिंह धामी ने कारखाना प्रबंधन से समय पर बैंक के मामले को निपटाने और श्रमिकों का रोजगार हर स्थिति में जारी रखने को कहा। उन्होंने कहा कि कारखाने के श्रमिकों के हितों से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा साथ ही कारखाना प्रबंधन जैसी भी मदद उनसे कारखाने के संचालन में चाहेगा, वह करेंगे
कारखाने के मुख्य द्वार के ताले की सील टूटते ही श्रमिकों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई।
    Khatima Fibres Ltd. U.S.Nagar

Thursday, 9 April 2015

सांसद भगत सिंह कोश्यारी जी ने सुजिया महोलिया खटीमा में शहीद राजेन्द्र चन्द्र द्वार व पी डब्ल्यू डी परिसर में नवनिर्मित भवन का किया लोकार्पण



सांसद भगत सिंह कोश्यारी आज 09/04/2015 को खटीमा पहुंचे। सुजिया महोलिया में शहीद राजेन्द्र चन्द्र द्वार व पी डब्ल्यू डी परिसर में नवनिर्मित भवन का किया लोकार्पण
Sujiya maholiya khatima 

Wednesday, 4 March 2015

खटीमा पुलिसे ने किया मार्च पास्ट

होली के अवसर पर शांति व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से  पुलिस द्वारा मार्च पास्ट किया गया।
khatima police

Welcome to khatima wishing You all Happy Holi

होली की हार्दिक मंगलमय शुभकामनाएँ मित्रों, इस होली में ऐसा रंग लगे की आपकी पूरी जिंदगी रंगीन हो जाए।

Thursday, 10 October 2013

हर बार सिर्फ रावण को ही क्यों जलाया जाता है

इन सवालों का है आपके पास जवाब??
  • हर बार सिर्फ रावण को ही क्यों जलाया जाता है?
  • रावण के साथ-साथ उसके भाई कुंभकरण और पुत्र मेघनाथ को भी क्यों जलाया जाता है?
  • कंस और हिरणकश्यप के पुतले क्यों नहीं जलाए जाते?
रावण महाविद्वान था और प्रकांड पंडित भी। उसका एक ही कसूर बस यही था कि उसने राम की पत्नी सीता का अपहरण किया था। वो भी अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए….। सीता के साथ दुराचार करने की कोई बात कहीं नहीं आई।
जबकि कंस ने बिना कसूर अपनी बहन देवकी और बहनोई वासुदेव को जेल में डाल दिया था और उनकी 7 नवजात संतानों को अपने हाथों से मार डाला था।
हिरण्यकश्यप ने अपने ही बेटे को ऐसी घोर यातनाएं दीं कि कोई भी पिता ऐसा नहीं कर सकता।
रावण से ज्यादा कंस और हिरणकश्यप कसूरवार थे। उन्होंने घोर पाप किए थे।
  • अपने ही भांजों को अपनी ही तलवार से काट डालना या उनकी गर्दन दबोच देना यह अपराध तो रावण के अपराध से बहुत ज्यादा घृणित हैं। तो ऐसे में कंस के मारे जाने वाले दिन को क्यों नहीं मनाया जाता?
  • कंस को क्यों नहीं जलाया जाता?
  • अपने ही बेटे प्रहलाद को जिंदा आग में जलाने की साजिश रचने वाले पिता हिरण्‍कश्यप का भी यह अपराध रावण के किए अपराध के मुकाबले ज्यादा बड़ा मालूम होता है। तो क्यों नहीं हिरण्‍कश्यप को भी जलाया जाता?
(होलिकादहन पर कंस का नहीं बल्कि उसकी बहन होलिका का दहन किया जाता है। होलिका को वरदान था कि वह आग में नहीं चल सकती। प्रहलाद को अपनी गोद में लेकर आग में बैठी तो वरदान विफल सिद्ध हुआ। प्रहलाद बच गया और होलिका उसी आग में दहन हो गई।)
रावण को जलाने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम राम थे। मर्यादा पुरुषोत्तम यानी सदैव मर्यादा के अनुसार कार्य करने वाला श्रेष्ठ पुरुष। भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम इसलिए कहा जाता है कि उन्होंने अपने जीवन में कभी भी मर्यादा का उल्लंघन नहीं किया। उन्होंने अपना पूरा जीवन मर्यादा के अनुरूप ही निर्वाह किया।
  • आज जो लोग रावण को जलाते हैं क्या उनमें राम जैसी खूबियां हैं, राम जैसे गुण हैं?
  • क्या रावण को जलाने वाले खुद मर्यादा पुरुषोत्तम हैं?
  • किस हक से वे रावण को आग लगाते हैं?
  • रावण का अपराध तो समझ में आता है लेकिन कुंभकरण और मेघनाथ ने ऐसा क्या घोर अपराध किया था कि उन्हें ही रावण के साथ जलाया जाता है।
  • हर वर्ष रावण को जलाने वाले राम की संख्या लाखों होते हुए भी हर वर्ष लाखों सीता माता जैसी देवियों की इज्जत फिर क्यों लुट रही है?
  • ravan

Sunday, 31 March 2013

पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा का बेतुका बयान

पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा का बेतुका बयान..
अपनी टिप्पड़ी जररू करे................like and share 
खटीमा. इस बार राणा परिषद के वार्षिक अधिवेशन का शुभारंभ करते हुए पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा ने कहा कि थारु समाज का अस्तित्व बचाने के लिए एक मंच पर संगठित होकर संघर्ष करने की जरूरत है। उन्होंने जनजाति की भूमि में से तीन एकड़ भूमि सामान्य वर्ग की आईटीआई को दिए जाने का विरोध किया और कहा कि इसे थारु समाज स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध के लिए समाज अंतिम समय तक संघर्ष करेगा।

राना जी कुछ शर्म करो १० साल सत्ता मे थे ,आज उसी जनता के लिए ऐसा 
बयान.आप हमरे समाज को दो वर्गों मे बाटना चाहते हो .जो संभव नहीं है ,
आप की जानकारी के लिए बता दो इनमे भी २५% आरक्षण s.c or s.t के लिए रहेगा .राना जी राजनीति  मत करो ,क्षेत्र के विकास के बारे मे सोचो .....
तब जनता आप के बारे मे सोचेगी ...................
अपनी  राय जररू लिखे .....khatima 



Sunday, 20 January 2013

Uttarayani Mela at khatima

उत्तरायनी कौतिक में नृत्य करती  हुई महिलाये 

khatima  चोराहे पर करतब दिखाते कलाकार 
 हैरतअंगेज करतब दिखाते छोलिया कलाकार

Choliya Dance-karte huye dancer at khatima choraha 

उत्तरायनी कौतिक की  रंगयात्रा टनकपुर रोड khatima में 

Pushkar Singh Dhami, MLA KHATIMA

MLA KHATIMA Pushkar Singh Dhami,  in cycle 



Thursday, 20 December 2012

'Hang them to till death’ demand by khatima Student's


Delhi gang rape के आरोपियों के लिये फ़ासी की सज़ा की  मांग करते 

Hemwati Nandan Bahuguna Govt PG CollegeKhatima के student's



"महाविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष पंकज टम्टा के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय से चौराहे तक नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। मुख्य चौक पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा दिल्ली में हुई घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।उन्होंने दोषियों को फांसी देने की मांग की उन्होंने कहा ऐसे मामलों के दोषियों को मार देना चाहिए और यह सजा देने में अधिक देरी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान छात्रा उपाध्यक्षा ज्योति टम्टा,रेनू सामंत, ज्योति खोलिया, ज्योति सामंत,रमेश रौतेला, आदि शामिल रहे।"

Delhi Gang Rape victim wrote-मुझे जीना है माँ

दिल्ली गैंगरेप रेप पीड़ित छात्रा ने लिखा,  मुझे जीना है माँ 
दिल्ली में रविवार को गैंगरेप का शिकार बनी छात्रा की हालत नाजुक बनी हुई है.सोमवार को अस्पताल में भर्ती हुई छात्रा की मौत से जंग जारी है,लेकिन इस बीच गजब की हिम्मत दिखाते हुए इस लड़की ने अपनी मां को एक संदेश लिखा.
पीड़ित छात्रा वेंटीलेटर पर है. डॉक्टरों की कहना है कि अभी उसके बारे में कुछ कहा नही जा सकता,
 जख्म गहरे हैं और हालात नाजुक है. पीड़ित छात्रा अभी भी कुछ बोल नहीं पा रही है लेकिन उसने
 अपनी मां को संदेश लिखा और इस संदेश से हमारे समाज का एक कड़वा सच सामने आ गया है.
संदेश में उसने लिखा, 'उस रात मेरा क्रेडिट कार्ड भी चला गया. वो दरिंदे मेरा मोबाइल भी उठा कर ले गए,
 लेकिन घर पर जो मेरा पुराना मोबाइल पड़ा है उसमें मेरे दो दोस्तों का नंबर है. 
उन्हें फोन करके बोल दीजिएगा कि मैं तीन महीने के लिए बाहर गई हूं.'
ये एक लड़की होने का दर्द है. इस दर्द को समझना भी आसान नहीं है. लेकिन ये लड़की ना सिर्फ
 ये दर्द बर्दाश्त कर रही है बल्कि पूरे जज्बे के साथ इससे लड़ भी रही है. लेकिन शायद ये लड़की होने की मजबूरी है या फिर हमारे समाज और उसकी सोच से जो माहौल बना है उसकी मजबूरी. ये लड़की अपने दोस्तों के बीच वापस तो जाना चाहती है, लेकिन नहीं चाहती कि उन्हें कुछ भी पता चले.

पीड़ित छात्रा को ये नहीं पता कि दो दिन से पूरा देश बस उसकी ही चर्चा कर रहा है. उसे ये भी नहीं पता उसके साथ आज पूरा समाज खड़ा है, उसे हौसला देने के लिए हर शख्स आगे आने को तैयार है. लेकिन इस सब के बीच एक बड़ा सच ये भी है कि जिस लड़की के साथ ऐसी बड़ी वारदात हो जाती है. वो भी सबसे पहले इसे छिपाना चाहती है.


Thursday, 6 December 2012

About Khatima History

खटीमा यों तो एक बहुत पुराना क़स्बा है । यह थारू जाति का आदिवासी क्षेत्र है।
खटीमा को मुगलों के शासनकाल में इसे थारू जन-जाति के लोगों ने आबाद किया था।
यहाँ के मूल निवासी महाराणा प्रताप के वंशज राणा-थारू है।
थारू समाज के एक व्यक्ति से मैंने इस जन-जाति के विकास के बारे में पूछा तो
 उसने मुझे कुछ यों समझाया।
‘‘जिस समय महाराणा प्रताप स्वर्गवासी हो गये थे। तब बहुत सी राजपूत रानियों
 ने सती होकर अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। लेकिन कुछ महिलायें अपने
 साथ अपने दास-दासियों को लेकर वहाँ से पलायन कर गये थे । 
उनमें हमारे पूर्वज भी रहे होंगे। ये तराई के जंगलों में आकर बस गये थे।
’’मैने उससे पूछा- ‘‘इस जगह का नाम खटीमा क्यों पड़ गया?’’
उसने उत्तर दिया-
‘‘उन दिनों यहाँ मलेरिया और काला बुखार का प्रकोप महामारी का विकराल रूप ले लेता था। लोग बीमार हो जाते थे और वो खाट में पड़ कर ही वैद्य के यहाँ जाते थे। इसीलिए इसका नाम खटीमा अर्थात् खाटमा पड़ गया।’’
उसने आगे बताया-
‘‘थारू समाज में विवाह के समय जब बारात जाती है तो वर को रजाई ओढ़ा दी जाती है और खाट पर बैठा कर ही उसकी बारात चढ़ाई जाती है। वैसे आजकल रजाई का स्थान कम्बल ने ले लिया है। इसलिए भी इस जगह को खाटमा अर्थात् खटीमा पुकारा जाता है।’’


(खटीमा में थारू नृत्य का मंचन)
संक्षेप में मुझे इतना ही खटीमा का इतिहास पता लगा है।
उक्त संक्षेप मुझे डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री जी के ब्लॉग उच्चारण  के 
 "जानिए खटीमा को" नामक  पोस्ट से मिली जो
 khatima से सम्बंधित होने के कारण मै आप तक यह पंहुचा रहा हु

Sunday, 2 December 2012

Write Hindi Easily

हिंदी लिखना हुआ आसन .......
गूगल का एक सॉफ्टवेर Google Transliteration,जो देता आप को ऑफलाइन भी हिंदी लिखने की आजादी .
वो भी बिना हिंदी टाइप  ज्ञान के.अब अपनी  मातृ - भाषा में लिखे सब कुछ 
facebook हो या  orkut या फिर Twitter  अपने comment लिखे हिंदी मे.
Google Transliteration
अभी डाउनलोड करे और अपनी मातृ - भाषा  में लिखे 
  Download Google Transliteration IME
डाउनलोड


About Jhankaiya Fair-Khatima

"झनकईया मेला" खटीमा। के सुरई रेंज मे नेपाल सीमा के समीप  झनकईया शारदा नदी  पर लगने वाला मेला , जो हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन से लगता है जो जो 5 दिनों तक चलता है . इस  दिन यहाँ  श्रद्धालु बड़ी संख्या में  स्नान के लिए दूर दूर से आते है पहले इस मेले का अपना महत्व था। झनकईया का गंगा स्नान मेला धान की फसल बाजार में आने के बाद लगता था। इस मेले में पूर्व में लोग दो-दो दिन तक रहा करते थे। नाते रिश्तेदारों का मेले में मिलन होता था लोग खाना बनाने से लेकर सोने की व्यवस्था साथ लेकर चलते थे। यह मेला युवक-युवतियों के परिचय और रिश्तों को लेकर भी थरुवाट (खटीमा क्षेत्र)  में प्रसिद्ध रहा है। यहां लड़का-लड़की एक दूसरे को पसंद करते थे और पूस, माघ (जनवरी१५ से फरवरी१५ तक  )में विवाह संपन्न करा दिया जाता था।
इस बार गंगा स्नान मेला थरुवाट के बदले हुए रूप को भी दर्शाता है 
 अब यह मेला  सिर्फ थारू लोगो का ही नहीं रहा यह अब नेपालियों ( जो सीमा पार से भी इस मेले को देखने पहुचते  है ) और कुमाऊ के लोगो का भी मेला हो गया है (चम्पावत और पिथोरागढ़ के लोग जो वहा से पलायन कर अब खटीमा में रहने लगे है) . मेले में आधुनिकता के रंग में रंगे थारु जनजाति के युवक एवं युवतियों को देखकर लगा कि अब थरुवाट (खटीमा क्षेत्र) बदल रहा है।
ब्रांडेड कपडे  जींस, टाप,बलेज़ेर , लोवेस्ट पेंट, नई स्टाइल के हेयरकट, नोकिया, समसंग, सोनी के महंगे मोबाइल, महंगी बाइक, कार. शुद्ध हिंदी और हिंदी-अंग्रेजी बोलते युवा कुछ सालो में हुए बदलाव की कहानी बयां कर रहे हैं  इस बार का मेला 29 नवम्बर ( बुधवार) से  शारदा नदी  पर लगा, पूरी तरह बदला हुआ दिखा।यहाँ पर मनोरजन  के लिए आधुनिक प्रकार के झूले लगे हुए थे ।खान पान के लिए भी यहाँ पर पूरी वय्वस्ता थी , खाध्य सामग्रिय  में चाट - समोसे के ठेले देखने को मिले , वही सिगाड़े और मुगफली भी बिकती हुई दिखी
 कुछ भी हो यहाँ मेला कमेटी की तरफ से उम्दा वय्वस्ता की गयी थी
  यहां पहले जैसे बैलगाड़ियों में एक-दो दिन रहने के इंतजाम से आने वाले परिवारों के बजाय कारों, मोटर साईकिलो , ट्रैक्टर-ट्रालियों एवं चार पहिया वाहनों से  लोग पहुंचे थे। पर अब भी कुछ लोग  बैलगाड़ियों में आते दिखे पर वह भी रहने के इंतजाम से नहीं आये थे . वहीं, आधुनिक रंग में रंगे युवा अपनी मस्ती में दिखाई दिए, जबकि युवाओं की अपेक्षा बड़े बुढो की संख्या मेले में कम नजर आयी।
  प्रशासन की तरफ से सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं दिख रही थी पार्किग की वय्वस्ता नहर से पहले ही की गयी थी 
यहाँ पर खास और आम का नज़ारा देखने को मिला , सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने खास और आम के लिए अलग-अलग व्यवस्था की थी। मेलाघाट जाने वाले ग्रामीणों के लिए भी दूसरे रास्ते की व्यवस्था की गई थी, लेकिन खास लोगों को बाइक से मेला क्षेत्र में जाने की पूरी छूट थी।

चित्रों के माध्यम से आपको कुछ और बताता,  पर कैमरे के अभाव में मेले का सुन्दर दर्शय आपको नहीं दिखा पाया  । फिर भी आपको पिछले साल की ली हुई फोटो दिखा रहा हु जो मैंने झूले में बैठ के  खीची थी

Monday, 19 November 2012

Bal shaheb Thackeray ji ko hardik shradhanjali


Panch tatave me vileen huye Bal Thackeray

ki tarf se 

Bal shaheb Thackeray ji ko hardik shradhanjali 

ishwar unki aatma ko shanti de.

                                    

Friday, 16 November 2012

How to Reach Khatima

From Delhi.........

By Air: Pantnagar airport is the nearest airport which is located at a distance of 55km from Khatima. 
Taxis and buses  are easily available from Pantnagar  to Khatima. Pantnagar is connected to Delhi with 2 days in week flights. Pant Nagar Airport is well connected by metalled road with Khatima.  Pantnagar is a domestic airport and it's nearest International airport is New Delhi.
.
By Train: Khatima is well connected by railway networks with PILIBHIT ,BAREILLY,  AISHBAGH (Lucknow)
BAREILLY is connected to Delhi with  daily 5-6 trains
By Road: Khatima is well connected by  roads with major destinations  India. Taxis and buses are easily available from major destinations of Uttarakhand, u.p,delhi and other state to Khatima.  Khatima is one of the entry gates of Kumaon region.Buses to Khatima are available from ISBT Anand Vihar, Delhi.


Tuesday, 13 November 2012

Khatima vasiyo ko diwali ki shubhkamnaye.....

Happy Diwali  Khatima  vasiyo...........
yah diwali aapke jivan me nayi umang or khushiya le kar aaye.

Sunday, 14 October 2012

Tehri Lok Sabha Election Me BJP Ki Mala Rajya Laxmi Shah KI JEET ME KHUSHI BANATE MLA PUSHKAR SINGH DHAMI OR BJP Karykarta


Tehri Lok Sabha Election Me  BJP`s Mala Rajya Laxmi Shah 
 KI JEET ME KHUSHI BANATE MLA PUSHKAR SINGH DHAMI 
OR BJP Karykarta.
"Tehri Lok Sabha By-elections Me  BJP Ki Mala Rajya Laxmi Shah
 ne Chief Minister Vijay Bahuguna ke bete, Saket  Bahuguna ko
 22,431 voto se parajit kiya.
Yah seat Chief Minister Vijay Bahuguna ke isteefe ke karan khali 
hui thi. Uttarakhand ke Chief Minister chune jane ke bad
Vijay Bahuguna ne Sitarganj Assembly se
elections jita tha."

Thursday, 20 September 2012

aao thora susta le........

in sundar rango ko 
bayan karta ghas ka gattr aakhir kab tak in ghas ke gattro ko in pahar ki oroto ko utana padega